जानिए सिद्ध कुंजिका मंत्र, मंत्र के लाभ, अभ्यास की विधि| सिद्ध कुंजिका मंत्र बहुत ही चमत्कारी मंत्र माना जाता है। सिद्ध कुंजिका मंत्र जीवन में आने वाली हर प्रकार की समस्याओं को दूर कर देता है। भक्तों को सिद्ध कुंजिका स्त्रोत का अगर गोपनीय जाप करते हैं तो इसका भी बहुत लाभ मिलता है। सिद्ध कुंजिका मंत्र आपको अचूक तरीके से लाभ पहुंचाता है। सिद्ध कुंजिका मंत्र बहुत ही चमत्कारी मंत्र माना जाता है। सिद्ध कुंजिका मंत्र जीवन में आने वाली हर प्रकार की समस्याओं को दूर कर देता है। भक्तों को सिद्ध कुंजिका स्त्रोत का अगर गोपनीय जाप करते हैं तो इसका भी बहुत लाभ मिलता है। सिद्ध कुंजिका मंत्र आपको अचूक तरीके से लाभ पहुंचाता है। क्योंकि यह मंत्र और स्त्रोत अपने आप में सिद्ध माना जाता है। इसे सिद्ध करने की जरुरत नहीं पड़ती है। इस मंत्र का जाप करने पर माता आपकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। हमेशा ध्यान रहे कि सिद्ध कुंजिका मंत्र का उप...
गुजरते साल 2021 को बहुत - बहुत बधाई ...... गुलज़ार की एक कविता : अहिस्ता चल जिंदगी , अभी का कर्ज चुकाना बाकी है। कुछ दर्द मिटाना बाकी है , कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है। रफ़्तार में तेरे चलने से - कुछ रूठ गए , कुछ छुट गए। रूठों को मनाना बाकी है , रोटों को हसना बाकी है। कुछ हसरतें अभी अधूरी हैं , कुछ काम भी और ज़रुरी है। ख़्वाइशें जो घुट गई है दिल में , उन्को दफ़नाना बाकी है। कुछ रिश्ते बन कर - टूट गए , कुछ जुड़े - जुड़े छूट गए। उन टूटे - छुटे रिश्तों के ज़खमों को मिटाना बाकी है। तू आगे चल मैं आता हूं , क्या छोड़ तुझे जी पाउंगा ? सांसों पर हक है जिन्का में , उनको समझौता बाकी है। आहिस्ता चल ज़िंदगी , अभी का कर्ज चुकाना बाकी है ....
आप केवल इतना भर जानते हैं कि #चक्रव्यूह में #अभिमन्यु मारा गया था या फिर #कौरव महाबलियों ने उसे घेर कर मार दिया था? तो फिर आप रुकिये.. #श्रीकृष्ण जिसके #गुरु हों और जो स्वंय #केशव ही का #भांजा भी हो। उसके शौर्य को फिर आधा ही जानते हैं आप तब। कुछ तथ्यों से आप वंचित हैं। क्योंकि उस लड़ाई में #अभिमन्यु ने जिन वीरपुत्र योद्धाओं को मार कर वीरगति पाई थी उनको भी जान लीजिये ● दुर्योधन का पुत्र #लक्ष्मण ● कर्ण का छोटा पुत्र. ● अश्मका का बेटा ● शल्या का छोटा भाई ● शल्या के पुत्र रुक्मरथ ● दृघलोचन Drighalochana ● कुंडवेधी Kundavedhi ● सुषेण Sushena ● वसत्य Vasatiya ● क्रथा और कई योद्धा ... और ये तब था जब ... उस चक्रव्यूह को जिसे अभिमन्यु को भेदना था ..उसके प्रत्येक द्वार - पहले से लेकर सातवें पर योद्धाओं को देखिये - १) अश्वथामा २) दुर्योधन ३) द्रोणाचार्य 4) कर्ण ५) कृपाचार्य ६) दुशासन 7) शाल्व (दुशासन के पुत्र) अभिमन्यु के प्रवेश के बाद ही #...
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